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परीक्षा संबंधी अधिनियम / अध्यादेश (Examination Statutes / Ordinances)

महाविद्यालय में आयोजित समस्त परीक्षाएँ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा समय-समय पर जारी नियमों, अधिनियमों एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएँगी। परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल, व्यवहारिक दक्षता तथा समग्र व्यक्तित्व का निष्पक्ष मूल्यांकन करना है।

परीक्षा हेतु पात्रता

1. विद्यार्थी का महाविद्यालय में विधिवत नामांकन होना अनिवार्य होगा।
2. प्रत्येक विद्यार्थी की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक होगी।
3. निर्धारित शुल्क एवं परीक्षा प्रपत्र समय से जमा करना अनिवार्य होगा।
4. आंतरिक मूल्यांकन, प्रायोगिक कार्य एवं असाइनमेंट पूर्ण करना आवश्यक होगा।

परीक्षा प्रणाली

1. विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित वार्षिक अथवा सेमेस्टर प्रणाली लागू होगी।
2. परीक्षा में लिखित, प्रायोगिक, मौखिक (Viva-Voce) एवं आंतरिक मूल्यांकन सम्मिलित हो सकते हैं।
3. प्रत्येक विषय के अंक विभाजन विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमानुसार निर्धारित होंगे।

परीक्षा संचालन

1. परीक्षा नियंत्रक/केंद्राध्यक्ष की देखरेख में परीक्षा सम्पन्न होगी।
2. परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
3. परीक्षा कक्ष में अनुशासन बनाए रखना प्रत्येक विद्यार्थी का दायित्व होगा।4. मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा कक्ष में ले जाना वर्जित होगा।

अनुचित साधनों का प्रयोग (Unfair Means)

1. नकल, प्रतिरूपण, अनुचित सहायता प्राप्त करना या उपलब्ध कराना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
2. दोषी पाए जाने पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के नियमों के अनुसार परीक्षा निरस्त की जा सकती है।
3. गंभीर मामलों में भविष्य की परीक्षाओं से वंचित करने की कार्यवाही भी की जा सकती है।

आंतरिक मूल्यांकन

1. आंतरिक मूल्यांकन में उपस्थिति, असाइनमेंट, सेमिनार, प्रोजेक्ट एवं कक्षा परीक्षण शामिल होंगे।
2. आंतरिक मूल्यांकन के अंक अंतिम परीक्षा परिणाम में जोड़े जाएंगे।
3. आंतरिक मूल्यांकन का अभिलेख विभागाध्यक्ष द्वारा सुरक्षित रखा जाएगा।

प्रायोगिक परीक्षा

1. विज्ञान विषयों के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला कार्य एवं प्रायोगिक परीक्षा अनिवार्य होगी।
2. अनुपस्थित रहने पर विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार कार्यवाही होगी।
3. प्रायोगिक परीक्षा बाह्य एवं आंतरिक परीक्षकों की उपस्थिति में आयोजित की जा सकती है।

परिणाम एवं उत्तीर्णता

1. परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किए जाएंगे।
2. उत्तीर्णता के लिए प्रत्येक विषय में विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा।
3. श्रेणी, ग्रेड एवं सीजीपीए विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार निर्धारित किए जाएंगे।

पुनर्मूल्यांकन एवं पुनर्परीक्षा

1. विद्यार्थी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुनर्मूल्यांकन हेतु आवेदन कर सकते हैं।
2. अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को बैक पेपर/पूरक परीक्षा का अवसर विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार प्रदान किया जाएगा।

अभिलेख एवं गोपनीयता

1. परीक्षा संबंधी समस्त अभिलेख सुरक्षित एवं गोपनीय रखे जाएंगे।
2. परीक्षा परिणामों, अंकपत्रों तथा अन्य अभिलेखों का संरक्षण महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार किया जाएगा।

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